क्या अच्छी आदतों की लत अच्छी होती है? आपको क्या लगता है, यह कितना सही है या फिर क्या बुरी आदतों की लत बुरी होती है? इसके बारे में आपके विचार क्या है? चलिए मैं आपको अपना एक अनुभव बताता हूं, मैंने भी इस बारे में पहले कभी इस तरह से नहीं सोचा था, जैसा एक वीडियो को देखने के बाद सोचा। मैं रात में एक वीडियो देख रहा था, जिसने मुझे यह सोचने पर मजबूर कर दिया या यूं कहूं कि मुझे एक ऐसी नींद से जगाया, जिसमें मैं दुनिया के बताया अनुसार चीजों को अच्छा या बुरा मानता चला जा रहा था। मुझे खुद यह नहीं मालूम था, कि मेरे लिए अच्छा या बुरा क्या है? जिसे मैं अच्छा मानता था, क्या वह वाकई में मेरे लिए अच्छा है या मैं यह मान रहा था कि वह मेरे लिए अच्छा है?
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What is 'GOOD' or What is 'BAD' |
अब मैं आपसे एक सवाल करता हूं, इसका जवाब थोड़ा सोच समझ कर दीजिए। आपके लिए या आपके भविष्य के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा? आपने सोचा होगा कि आपके लिए पढ़ना अच्छा है या पैसे कमाना अच्छा है और नशे का सेवन करना बुरा है। अब जरा यह सोचिए कि बाकई में आपके लिए यह अच्छा है या दुनिया के बताए अनुसार आपको लगता है कि यह आपके लिए अच्छा या बुरा है? यहां मैं यह स्पष्ट करना चाहूँगा, कि किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन बुरा ही होता है। अगर आपको लगता है कि केवल पढ़ना अच्छी आदत है और इसकी लत लग जाए तो बारे-न्यारे हो जाए, पर क्या अनपढ़ लोग सफल नहीं होते ऐसे कई लोग हैं जो अनपढ़ है या कम पढ़े लिखे होने के बावजूद भी वह सफल है, और कई ऐसे भी हैं जो अच्छी खासी पढ़ाई करने, पीएचडी या बड़ी-बड़ी डिग्रियां लेने के बाद भी बेरोजगार है या छोटी-मोटी नौकरी कर रहे हैं। जिसमें उनकी बड़ी-बड़ी डिग्रियां कोई काम नहीं आती। अगर आपको लगता है पैसे कमाना अच्छा है तो यह भी गलत है क्योंकि कि पैसे कमाना अच्छी आदत नहीं है बल्कि सही तरीके व ईमानदारी से पैसा कमाना अच्छा है, पैसा कमाने के लिए कभी किसी को ठेस पहुंचाना या केवल अपने फायदे के लिए किसी का नुकसान करना अच्छी आदत नहीं है।
दुनिया में कोई भी इंसान किसी दूसरे के लिए अच्छा है या बुरा तय नहीं कर सकता। वह तो हमें स्वयं तय करना होता है, कि हमारे लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा? क्योंकि जितना हम खुद को जानते हैं कोई दूसरा नहीं बता सकता कि जिससे हमें फायदा होगा या हमारे भविष्य के लिए अच्छा होगा। जो चीज हमें हमारे लक्ष्य की ओर ले जाए वह हमारे लिए अच्छी है चाहे फिर दुनिया उसे बुरी ही क्यों ना माने और जो हमें हमारे लक्ष्य से दूर ले जाए वह बुरी है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया क्या सोचती है क्योंकि अच्छे या बुरे की परिभाषा हमारे लक्ष्य को पाने या ना पाने से बदलती रहती है। जैसे:- किसी को फोटोग्राफी पसंद है और वह बेरोजगार है तो दुनिया के लिए यह बुरी बात है और अगर वह फोटोग्राफी में कोई उपलब्धि पा लेता है या करियर बना कर सफल हो जाता है तब दुनिया के लिए फोटोग्राफी अच्छी बात हो जाएगी। तो आप स्वयं चिंतन करें कि आपकी ऐसी कौन सी आदतें हैं जो आपको आपके लक्ष्य की ओर बढ़ने में सहायता करेंगीं। उन आदतों को पहचानना और उनकी लत होना अच्छा है और जो हमारे लक्ष्य या सपने से दूर ले जाए वह बुरी आदत है। अब यह फैसला आपका है कि क्या अच्छा है और क्या बुरा?
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